Answer By law4u team
LLP (सीमित देयता भागीदारी) भारत में एक प्रकार की व्यावसायिक संरचना है, जो भागीदारी के लचीलेपन को कंपनी की सीमित देयता सुरक्षा के साथ जोड़ती है। यह 'सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008' द्वारा शासित होती है। LLP क्या है? LLP एक अलग कानूनी इकाई है, जिसमें दो या दो से अधिक भागीदार मिलकर कोई व्यवसाय चलाते हैं; लेकिन प्रत्येक भागीदार की देयता (liability) केवल उसके सहमत योगदान तक ही सीमित होती है। इसका अर्थ यह है कि भागीदारों की व्यक्तिगत संपत्तियाँ आमतौर पर व्यावसायिक ऋणों से सुरक्षित रहती हैं। पारंपरिक भागीदारी के विपरीत, LLP की अपनी एक अलग कानूनी पहचान होती है, जो इसे निम्नलिखित कार्य करने की अनुमति देती है: संपत्ति का स्वामित्व रखना अनुबंधों में प्रवेश करना अपने स्वयं के नाम पर मुकदमा करना और जिस पर मुकदमा किया जा सके LLP कैसे काम करती है? LLP का गठन भागीदारों के बीच एक समझौते के माध्यम से किया जाता है, जिसे 'LLP समझौता' (LLP Agreement) कहा जाता है। यह समझौता निम्नलिखित बातों को परिभाषित करता है: भागीदारों की भूमिकाएँ और जिम्मेदारियाँ लाभ-साझाकरण का अनुपात पूंजी का योगदान प्रबंधन की संरचना व्यवसाय का प्रबंधन 'नामित भागीदारों' (designated partners) द्वारा किया जाता है, जो अनुपालन और कानूनी दायित्वों के लिए जिम्मेदार होते हैं। LLP को 'कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय' (MCA) के साथ पंजीकृत करवाना अनिवार्य है; और एक बार पंजीकृत हो जाने के बाद, यह एक अलग कानूनी इकाई के रूप में कार्य करती है। LLP की मुख्य विशेषताएँ सीमित देयता: भागीदार सभी व्यावसायिक ऋणों के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी नहीं होते हैं। अलग कानूनी पहचान: LLP अपने भागीदारों से एक पृथक इकाई होती है। लचीला प्रबंधन: कंपनियों की तरह इसमें कोई कठोर 'बोर्ड संरचना' नहीं होती है। 'प्राइवेट लिमिटेड' कंपनियों की तुलना में कम अनुपालन (compliance) आवश्यकताएँ। शाश्वत उत्तराधिकार (Perpetual succession): भागीदारों के बदलने पर भी LLP का अस्तित्व बना रहता है। उदाहरण यदि कोई LLP ऋण लेती है और उसे चुकाने में असमर्थ रहती है, तो लेनदार केवल LLP की संपत्तियों से ही अपने पैसे की वसूली कर सकते हैं—भागीदारों की व्यक्तिगत संपत्ति से नहीं (सिवाय धोखाधड़ी या गलत कार्यों के मामलों के)। संक्षेप में LLP एक 'संकर' (hybrid) व्यावसायिक संरचना है, जो एक कंपनी की तरह 'सीमित देयता' की सुरक्षा प्रदान करती है, और साथ ही एक भागीदारी (partnership) के परिचालन लचीलेपन को भी बनाए रखती है। इसी कारण यह छोटे और मध्यम व्यवसायों तथा पेशेवर फर्मों के लिए एक उपयुक्त विकल्प है।